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क्या कहूं नहीं पाएं दर्द बिन स्वार्थ प्रेमनश्वरनाखूबसूरतीनश्वर जंगल बिन परहित कर्म‌‌‌ निज जीवन बातें नहीं आता मिलकर विचार तुम बिन धूमिल प्यार हो तुम स्पर्षतुम्हारे तेरे बिन सदा ही बेहतर निस्वार्थ कर्म बिन लिखें फूल

Hindi बिन बताए Quotes